गया जी: बिहार के गया जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित गोटीबांध गांव में मातम पसरा हुआ है। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार स्थित एक निजी स्टील प्लांट में हुए भीषण विस्फोट ने गांव के छह घरों के चिराग बुझा दिए। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे कोयला भट्ठी के पास हुए धमाके में छह मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। सभी मृतक बिहार के गोटीबांध गांव के रहने वाले थे, जो रोजी-रोटी की तलाश में परदेस गए थे।
हादसे की खबर गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। जिन घरों से कुछ दिन पहले मजदूरी के लिए पिता और बेटे निकले थे, वहां अब चीत्कार और विलाप गूंज रहा है। बुजुर्ग मां बेटे का नाम लेकर बार-बार बेसुध हो जा रही है, तो कहीं पत्नी पति की तस्वीर से लिपटकर फूट-फूटकर रो रही है। पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले और हर चेहरे पर गहरा दर्द साफ नजर आ रहा है।
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान श्रवण कुमार (22), राजदेव कुमार (22), जितेंद्र (37), बदरी भुइयां (42), विनय भुइयां (40) और सुंदर भुइयां (40) के रूप में हुई है। वहीं, कल्पू भुइयां और रामू भुइयां समेत पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है। इस हादसे ने कई परिवारों को पूरी तरह उजाड़ दिया। पिता-पुत्र की एक साथ मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
मृतकों के परिजनों और साथी मजदूरों ने ठेकेदार पर धोखे का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हल्के काम का झांसा देकर उन्हें स्टील प्लांट में झोंक दिया गया। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, घायलों के इलाज और शवों को बिहार लाने के निर्देश दिए गए हैं। गांव में अब सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है—कमाने गए थे, क्या पता था लौटकर नहीं आएंगे।







