पटना। दुर्गापूजा पर राज्य में इस साल करीब 16 हजार प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पूजा के दौरान सभी जिलों को 24 घंटे गश्ती करने का निर्देश दिया गया है, जिसके लिए 24 हजार से अधिक प्रशिक्षु सिपाहियों एवं होमगार्ड और 37 डीएसपी रैंक के पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। पूजा के लिए जिलों को 54 कंपनी अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है, जिनमें बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की 31 कंपनी, दंगा निरोधी दस्ता की 12 कंपनी और सीएपीएफ की 11 कंपनी शामिल है। पटना जिले में जुटने वाली सर्वाधिक भीड़ को देखते हुए आठ कंपनी अतिरिक्त बल, 2100 प्रशिक्षु सिपाही और गृहरक्षक जबकि दस डीएसपी रैंक के पदाधिकारी लगाए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, सभी जिलों में सवंदेनशील स्थानों पर सक्षम पदाधिकारियों को भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया गया है। भारत नेपाल सीमा के साथ पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर भी विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। सादे परिधान में भी पुलिस बल लगाए जाएंगे।प्रतिमा विसर्जन जुलूस पुलिस स्कॉट में ही निकाली जाएगी। जुलूस के लिए शत-प्रतिशत जुलूस लाइसेंस निर्गत करने का निर्देश है। संवेदनशील जुलूसों की वीडियोग्राफी कराने को भी कहा गया है। डीजे पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया गया है।
पूजा पंडालों में बनजे वाले लाउडस्पीकरों को भी डेसिबल सीमा का ध्यान रखने और रात दस बजे के बाद लाउडस्पीकर न बजाने का निर्दश दिया गया है। विसर्जन जुलूस के मार्ग में पड़ने वाले दूसरे समुदायों के धार्मिक स्थलों के पास दंडाधिकारी के साथ पर्याप्त बल की तैनाती का निर्देश है। पूजा समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे पंडालों में ऐसी झांकी, चित्र, स्लोगन या वीडियो प्रदर्शित न करें, जिससे किसी की भावना आहत होती हो। पंडालों में सीसीटीवी तथा आग से बचाव की व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया गया है।
सप्तमी, अष्टमी और नवमी को ग्रामीण तथा सुदूर इलाकों से शहरों में मेला देखने आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए आवागमन मार्ग पर प्रकाश के साथ पुलिस को पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। असामाजिक तत्वों से बांड पत्र भरवाने को कहा गया है। दुर्गापूजा के दौरान फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया की 24 घंटे डिजिटल निगरानी की जाएगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर एवं जिलों के सोशल मीडिया सेल को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्देश है। इसके लिए पालीवार पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या अराजक एवं उन्मादी पोस्ट पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।







