Home बिहार जिला में 14 साल की बच्चियों को मुफ्त लगेगा सर्वाइकल कैंसर से...

जिला में 14 साल की बच्चियों को मुफ्त लगेगा सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका

129
0
14-year-old girls in the district will receive free cervical cancer vaccine.

जिला स्तर के बाद प्रखंड स्तर पर भी अभियान होगा संचालित

रोहतास। जिला सहित राज्य की बेटियों के सुरक्षित और सुनहरे भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ते हुए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को पूरी तरह निःशुल्क करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अभियान का देशव्यापी शुभारंभ शनिवार को अजमेर राजस्थान से करेंगे। प्रदेश में इस अभियान का शुभारंभ इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से होगा। अभियान के शुभारंभ के मौके पर प्रदेश के प्रत्येक जिलों में लॉचिंग स्थल पर 20 किशोरियों को ग्राडासील टीका लगाया जाएगा।
रोहतास जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. आर.के.पी.साहू ने कहा कि अभियान के तहत वैसी किशोरियां जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है लेकिन अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं तथा उन्हें पहले से कोई एचपीवी टीका नहीं लगा है, वे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर इस घातक सर्वाइकल कैंसर से बचाव का ‘सुरक्षा कवच’ प्राप्त कर सकेंगी। यह अभियान पहले जिला स्तर पर फिर प्रखंड स्तर पर भी संचालित किया जाएगा। चूंकि इस कैंसर के शुरुआती चरण में जननेंद्रियों से असामान्य रक्तस्राव या दर्द जैसे कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है। बीमारी बढ़ने पर ही वजन कम होना, पैरों में सूजन या पीठ दर्द जैसे संकेत मिलते हैं। ऐसे में बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है।

GNSU Admission Open 2026

टीके की प्रभावशीलता और वैश्विक स्वीकार्यता

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एचपीवी टीका पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है। 160 देशों ने एचपीवी टीकाकरण को अपने नेशनल टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत के राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह ने इसे प्रमाणित किया है। यह टीका वायरस वैरिएंट 6.11.16.18 पर काफी हद तक प्रभावी है, जो न केवल जान बचाता है, बल्कि परिवारों को भविष्य में होने वाले भारी-भरकम इलाज के खर्च और मानसिक प्रताड़ना से भी सुरक्षित रखता है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म यू-विन से होगी मॉनिटरिंग

इस महाभियान को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘यू-विन’ का सहारा ले रहा है। अभिभावक अपनी बेटियों का पंजीकरण घर बैठे या सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर करा सकते हैं और टीकाकरण के पश्चात डिजिटल प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसके लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य होगी। हालांकि, टीके के बाद मामूली दर्द या हल्का बुखार जैसे सामान्य लक्षण दिख सकते हैं, जो दो-तीन दिनों में स्वतः ठीक हो जाते हैं।

GNSU Admission Open 2026