आइची-नागोया। एशियाई खेलों में भारत का बैडमिंटन अभियान समाप्त हो गया। महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में पीवी सिंधु और उन्नति हुड्डा को अपने-अपने मुकाबलों में कड़ी चुनौती के बाद हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही महिला एकल में भारत की पदक उम्मीदें भी समाप्त हो गईं।
इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में दुनिया की 11वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी पीवी सिंधु का सामना चीन की चौथी रैंकिंग वाली और टोक्यो ओलंपिक चैंपियन चेन युफेई से हुआ। सिंधु ने मुकाबले की शानदार शुरुआत करते हुए 7-2 की बढ़त बनाई और इंटरवल तक 11-8 से आगे रहीं। उन्होंने शुरुआती गेम 21-11 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में चेन युफेई ने वापसी की और शुरुआती बढ़त बनाई। सिंधु ने भी जोरदार संघर्ष करते हुए इंटरवल तक 11-10 की बढ़त हासिल की, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने बाद में नियंत्रण हासिल कर गेम 21-18 से जीत लिया। निर्णायक गेम में चेन युफेई ने लगातार दबाव बनाए रखा और 21-10 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
इस हार के साथ सिंधु का एशियाई खेलों में महिला एकल का दूसरा पदक जीतने का अभियान समाप्त हो गया। उन्होंने इससे पहले जकार्ता एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था।
वहीं, 24वीं रैंकिंग वाली उन्नति हुड्डा को दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी और घरेलू स्टार अकाने यामागुची से 21-16, 14-21, 21-17 से हार मिली। उन्नति ने पहला गेम गंवाने के बाद दूसरे गेम में शानदार वापसी की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचाया। तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन यामागुची ने दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखते हुए जीत हासिल की।
महिला युगल में भी भारत को निराशा मिली। ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को मलेशिया की पर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन ने 21-18, 21-9 से हराया। मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को चीन की फेंग यानझे और हुआंग डोंगपिंग से 21-14, 18-21, 21-18 से हार मिली।
बैडमिंटन में भारत का एकमात्र पदक पुरुष टीम ने कांस्य के रूप में हासिल किया।







