आइची-नागोया (जापान): एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय एथलीटों ने पुरुषों की ऊंची कूद टी64 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। प्रवीण कुमार ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। वहीं, भारत के ही बंटी ने 1.92 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ रजत पदक जीतकर देश की सफलता में योगदान दिया।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में प्रवीण कुमार ने शुरुआत से ही प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने 2.05 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए पहला स्थान हासिल किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2.02 मीटर का था, जो प्रवीण के ही नाम दर्ज था। उन्होंने अपने पिछले रिकॉर्ड में सुधार करते हुए प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत लिया।
प्रवीण कुमार का यह प्रदर्शन उनके खेल करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है। प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास के दम पर उन्होंने अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए न केवल स्वर्ण पदक हासिल किया, बल्कि प्रतियोगिता के रिकॉर्ड को भी बेहतर बनाया। प्रवीण टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के एथलीट हैं, जिसके तहत चयनित खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी में सहायता दी जाती है।
इसी स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ी बंटी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 1.92 मीटर की ऊंचाई पार कर रजत पदक जीता। यह उनके करियर की अब तक की सर्वश्रेष्ठ छलांग रही। भारत के दोनों खिलाड़ियों ने शीर्ष दो स्थान हासिल कर देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि दर्ज की।
एशियाई पैरा खेल एशिया के पैरा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का प्रमुख मंच प्रदान करते हैं। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता देश में पैरा एथलेटिक्स को बढ़ावा देने और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रवीण कुमार के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन और बंटी की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग ने भारतीय दल की उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ा। दोनों खिलाड़ियों के पदक भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए उत्साहजनक परिणाम हैं।







