
स्पोर्ट्स डेस्क: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की ओपनिंग जोड़ी टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ी चिंता बनती जा रही है। पांच मैचों के बाद आंकड़े बेहद निराशाजनक हैं—सलामी जोड़ी कुल मिलाकर सिर्फ 34 रन ही जोड़ पाई है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भी स्थिति नहीं बदली। 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ईशान किशन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी एक बार फिर फ्लॉप रही। ईशान बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि अभिषेक 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
इस टूर्नामेंट में चार मैचों में ईशान-अभिषेक की जोड़ी और एक मैच में ईशान-संजू सैमसन की जोड़ी ने पारी की शुरुआत की है। लेकिन लगातार असफलता ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह संयोजन सही है? खासकर तब, जब ईशान ने कुछ मैचों में व्यक्तिगत रूप से अच्छी पारियां खेली हैं, लेकिन साझेदारी नहीं बन पा रही।
अगर 2024 के टी20 वर्ल्ड कप से तुलना करें, जब भारत ने खिताब जीता था, तब ओपनिंग की जिम्मेदारी रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के हाथ में थी। शुरुआती मैचों में उनकी साझेदारियां भी बड़ी नहीं थीं, लेकिन मध्यक्रम मजबूत था और दाएं-बाएं हाथ के बल्लेबाजों का संतुलन बेहतर था।
वर्तमान टीम संयोजन में छह बाएं हाथ के बल्लेबाज शामिल हैं, जिससे विपक्षी टीमों को रणनीति बनाने में आसानी हो रही है। यह असंतुलन भी ओपनिंग की विफलता को और उजागर कर रहा है।
अब सवाल उठ रहा है कि क्या संजू सैमसन को वापस लाकर ईशान को तीसरे नंबर पर भेजा जाए? या फिर टीम मैनेजमेंट मौजूदा जोड़ी को और मौके देगा? अगर भारत को अपने ही घर में खिताब बचाना है, तो सलामी जोड़ी को जल्द ही लय हासिल करनी होगी, वरना यह कमजोरी आगे भारी पड़ सकती है।






