Home खेल गौतम गंभीर की संजू सैमसन पर टिप्पणी, बोले– आक्रामक नहीं दिखा बल्लेबाज़ी...

गौतम गंभीर की संजू सैमसन पर टिप्पणी, बोले– आक्रामक नहीं दिखा बल्लेबाज़ी का अंदाज़

89
0
Gautam Gambhir's comment on Sanju Samson, says his batting style did not appear aggressive.

स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बाद संजू सैमसन को ब्रेक देना टीम मैनेजमेंट की सोची-समझी रणनीति थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच पारियों में संजू के स्कोर 10, 6, 0, 24 और 6 रहे। आलोचना तेज हुई और उनके करियर पर सवाल उठने लगे। गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘निश्चित रूप से न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इसलिए उन्हें विश्राम देना जरूरी हो गया था क्योंकि आप उन्हें उस दबाव वाली स्थिति से बाहर निकालना चाहते थे।’ टी20 विश्व कप के करो या मरो मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू ने नाबाद 97 रन की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया।

उनका स्ट्राइक रेट 194 के करीब रहा, लेकिन बल्लेबाजी में कहीं भी हड़बड़ी नजर नहीं आई। उनकी पारी की बदौलत भारत ने आसानी से 196 रन का लक्ष्य पांच विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। मैच के बाद गंभीर ने कहा, ‘संजू आक्रामक अंदाज में नहीं खेले। उन्होंने सामान्य शॉट लगाए। मैंने उन्हें गेंद को जोर से मारते हुए भी नहीं देखा। यही उनकी प्रतिभा है।’ उन्होंने आगे जोड़ा, ‘हम जानते थे कि संजू कितना प्रतिभाशाली है। बहुत कम बल्लेबाजों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन शतक लगाए हैं। इसलिए हमें भरोसा था कि जब भी जरूरत पड़ेगी, वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’ गंभीर का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच जिताऊ पारी की नींव जिम्बाब्वे के खिलाफ रखी गई थी, जहां संजू ने 15 गेंदों में 24 रन बनाए थे। कोच ने कहा, ‘जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने शानदार शुरुआत दी। आज भी उन्होंने वहीं से अपनी पारी आगे बढ़ाई। हम संजू से यही उम्मीद करते हैं कि वह लगातार ऐसा प्रदर्शन करें।’

GNSU Admission Open 2026

रिंकू सिंह के पारिवारिक कारणों से अनुपलब्ध रहने और शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए टीम प्रबंधन ने संजू को ओपनर के रूप में आजमाया, और यह फैसला सफल साबित हुआ। जब गंभीर से पूछा गया कि उन्होंने संजू से मानसिक रूप से क्या बात की, तो उन्होंने कहा, ‘मैं सभी खिलाड़ियों से बात करता हूं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस टीम में शामिल सभी खिलाड़ी विश्वस्तरीय हैं और इसीलिए वे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।’ गंभीर ने साफ किया कि टीम मैनेजमेंट को संजू की क्षमता पर कभी संदेह नहीं था। उन्होंने कहा, ‘हमें पता था कि जब भी हमें विश्व कप में उनकी जरूरत पड़ेगी, वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’ संजू की यह पारी सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी थी। आलोचनाओं के बीच ब्रेक ने उन्हें मानसिक रूप से तरोताजा किया और बड़े मंच पर उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की। अब पांच मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में टीम इंडिया को उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी।





GNSU Admission Open 2026