RJD in turmoil over Grand Alliance seat-sharing: Lalu distributes symbols, Tejashwi withdraws

पटना: लालू प्रसाद यादव के दिल्ली से लौटने के बाद पटना स्थित उनके 10, सर्कुलर रोड आवास के बाहर टिकट के दावेदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ इतनी अधिक थी कि वहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। बताया जाता है कि कई दावेदारों को पार्टी की ओर से फोन कॉल मिलने के बाद वे टिकट की उम्मीद में आवास पहुंचे थे। कुछ ही मिनटों बाद वे पार्टी का चुनाव चिह्न हाथ में लिए और चेहरे पर मुस्कान लिए बाहर निकलते दिखे। राजद का चुनाव चिह्न प्राप्त करने वालों में प्रमुख नाम पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड छोड़ने वाले सुनील सिंह (परबत्ता) और मटिहानी से कई बार विधायक रह चुके नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो हैं।

बोगो दो बार जदयू के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। भाई वीरेंद्र, चंद्रशेखर यादव (मधेपुरा) और इसराइल मंसूरी (कांटी) जैसे कई मौजूदा राजद विधायक भी पार्टी का प्रतीक लहराते हुए लालू प्रसाद यादव के आवास से बाहर आए। हालांकि ये साफ नहीं हो पाया कि RJD में लालू प्रसाद यादव ने कितने उम्मीदवारों को सिंबल दे दिया। ये सबकुछ तब हुआ जब नॉमिनेशन के लिए सिर्फ 4 दिन का समय बाकी रह गया था। लेकिन इसके बाद जो घटनाक्रम हुआ वो चौंकाने वाला था।

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तेजस्वी यादव ने इसके बाद दिल्ली से लौटते ही बड़ा फैसला लिया। बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव ने जितने उम्मीदवारों को सिंबल दिए थे, तेजस्वी ने उन सभी उम्मीदवारों से सिंबल वापस ले लिए। तेजस्वी यादव ने इसके लिए पटना लौटते ही उन सभी उम्मीदवारों को तलब कर लिया जिन्हें RJD के सिंबल मिल चुके थे। देर रात सबको राबड़ी आवास बुलाकर उनसे सिंबल वापस ले लिए गए। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे अहम सवाल ये है कि क्या कांग्रेस लालू यादव के इस रुख से नाराज है? क्या इसको लेकर कांग्रेस ने तेजस्वी यादव से बात की? क्या इसी वजह से दिल्ली से पटना लौटते ही तेजस्वी यादव ने RJD के उम्मीदवारों को दिए सिंबल वापस ले लिए?