
नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि कथित वोट चोरी के खिलाफ उनका जन आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगे और जरूरत पड़ने पर संयुक्त रूप से उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि यह संघर्ष संविधान, लोकतंत्र और देश के भविष्य की रक्षा के लिए है।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में चल रहे आंदोलन को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उनके अनुसार, इंडिया गठबंधन के नेता इन्हीं परिस्थितियों के विरोध में मार्च कर रहे हैं।
युवाओं और प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल युवाओं के साथ मारपीट की जा रही है और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार हो रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वालों को रोका जा रहा है, लेकिन विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे न्याय मिलने तक अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहें। राहुल गांधी ने कहा कि आंदोलन लंबा चल सकता है और इसमें कई दिन या महीने लग सकते हैं, लेकिन इसे समाप्त नहीं किया जाएगा।
चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं। ये आरोप राहुल गांधी ने लगाए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग और सरकार से जवाब मांग रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि सवाल उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है और आंदोलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
विपक्षी दल मिलकर जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उन्हें याचिका दायर करने के लिए कहा गया। इसके बाद विपक्षी दलों के साथ मिलकर उच्चतम न्यायालय जाने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार के करीब 200 अधिकारी संविधान की रक्षा की लड़ाई में उनके संपर्क में हैं। राहुल गांधी ने कहा कि बैरिकेड लगाकर जनता की आवाज नहीं रोकी जा सकती और विपक्ष लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगा।






