
रोहतास: कांग्रेस के चरित्र को लेकर भाजपा द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर रोहतास जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष ने पलटवार किया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने भाजपा के आरोपों और विरोध प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस पर उंगली उठाने से पहले भाजपा को अपने नेताओं के खिलाफ लगे आरोपों और उनके मामलों पर भी जवाब देना चाहिए।
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस के नेताओं पर सवाल उठाने से पहले अपने दल के उन नेताओं के मामलों पर ध्यान नहीं देती, जिन पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। उन्होंने पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद और उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का उल्लेख करते हुए भाजपा से पूछा कि ऐसे मामलों में पार्टी ने क्या कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और राजनीतिक शुचिता जैसे मुद्दों पर सभी दलों को समान मानदंड अपनाने चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल के नेता पर गंभीर आरोप लगने की स्थिति में निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह कांग्रेस को निशाना बनाते समय अपने नेताओं से जुड़े विवादों पर स्पष्ट जवाब नहीं देती।
पत्रकारों ने जब कांग्रेस नेताओं पर लगे आरोपों और राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग को लेकर सवाल किया, तो जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस में किसी भी व्यक्ति के गलत आचरण का समर्थन नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता के खिलाफ आरोप प्रमाणित होते हैं या गंभीर अनियमितता सामने आती है, तो पार्टी को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
जिलाध्यक्ष ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व गलत कार्यों का समर्थन नहीं करता। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी मामले में आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस से इस्तीफे की मांग करने से पहले भाजपा को अपने उन नेताओं के मामलों पर जवाब देना चाहिए, जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस स्वच्छ राजनीति और जवाबदेही में विश्वास करती है। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि वह अपने विवादों में घिरे नेताओं के खिलाफ क्या कदम उठाएगी। इस बयान के साथ रोहतास में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।






