पटना/मधेपुरा: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मधेपुरा में राजद विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर यादव के ममेरे भाई प्रिंस रंजन यादव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं चिंताजनक स्थिति में पहुंच गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण और पुलिस-अपराधियों के कथित गठजोड़ के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। हालांकि, ये आरोप तेजस्वी यादव ने लगाए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल
राजद नेता ने राज्य सरकार पर राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बिहार में दिनदहाड़े हत्या जैसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में सरकार की वैधता और उसके गठन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में अपराध पर नियंत्रण करने में प्रशासन विफल रहा है। उनके बयान के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
प्रिंस रंजन यादव की हत्या के बाद बढ़ा विवाद
उल्लेखनीय है कि मधेपुरा में प्रिंस रंजन यादव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक का संबंध राजद विधायक और बिहार के पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर यादव के परिवार से बताया गया है। इस घटना के बाद तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर हमला तेज कर दिया है।
राजद नेता पहले भी बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की आलोचना करते रहे हैं। ताजा बयान में उन्होंने फिर सवाल उठाया कि प्रदेश में आम लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।
फिलहाल, इस हत्याकांड के संबंध में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। घटना के कारणों तथा इसमें शामिल लोगों के बारे में आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







