SIR पर श्रीकांत शर्मा का राहुल गांधी पर निशाना, फर्जी मतदाताओं को लेकर उठाए सवाल
Shrikant Sharma targets Rahul Gandhi; raises questions regarding fake voters.

मथुरा: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से कथित फर्जी नाम हटाए जाने पर कांग्रेस को आपत्ति है। श्री शर्मा ने इस अभियान को मतदाता सूची की शुद्धता से जोड़ते हुए कहा कि वैध भारतीय नागरिकों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

हिमाचल प्रदेश के भाजपा प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने अपने बयान में 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कसाब ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हाथ में कलावा बांधा था। उन्होंने इस उदाहरण के जरिए दावा किया कि कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर भारत में अवैध रूप से रह रहे थे और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान ऐसे नामों की जांच की जा रही है।

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श्री शर्मा ने कहा कि मतदाता सूची से फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतंत्र की रक्षा की बात करने के साथ ऐसी ताकतों का समर्थन करने का आरोप भी लगाया, जिनसे देश को नुकसान पहुंचने का दावा किया जाता है। ये आरोप श्री शर्मा ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए हैं।

भाजपा विधायक ने मतदाता सूची में नाम को लेकर चिंतित नागरिकों से संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी वैध भारतीय नागरिक का नाम गलती से मतदाता सूची से हट गया है, तो वह स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकता है। उन्होंने तहसीलदार, लेखपाल और पंचायत सचिव जैसे स्थानीय अधिकारियों से जानकारी लेने का भी सुझाव दिया।

श्री शर्मा ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी के आधार पर कदम न उठाएं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को हिंसक या भ्रामक धरना-प्रदर्शनों से दूर रखने का आग्रह भी किया।

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण की जांच करना है। ऐसे मामलों में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित करने की प्रक्रिया निर्वाचन नियमों के अनुसार होती है। मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे अपने नाम की स्थिति की पुष्टि करें और किसी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया अपनाएं।