नासिक। मुंबई के भ्रष्टाचार-निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने नासिक में एक जीएसटी अभियान की जांच में तेज़ी लाने के लिए 1.25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में दो वरिष्ठ जीएसटी अधिकारियों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां तब हुईं जब ये आरोपी पाथर्डी फाटा में गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (जीएसटी) कार्यालय में 20 लाख रुपये की पहली किस्त ले रहे थे। आरोपियों में राज्य के जीएसटी उपायुक्त 47 वर्षीय सोमनाथ दत्तू पागे और 55 वर्षीय सहायक कर आयुक्त मच्छिंद्र विट्ठल डोंडे शामिल हैं।
साथ में 36 वर्षीय अमित हीरामन जाधव को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच तब शुरू हुई जब एक शिकायतकर्ता ने मुंबई एसीबी में शिकायत दर्ज कराई कि पागे और डोंडे ने शिकायतकर्ता के घर पर की जा रही जीएसटी की कार्रवाई में तेज़ी लाने के लिए रिश्वत मांगी। जांच के दौरान पता चला कि अधिकारी एक करोड़ रुपये में समझौता करने के लिए तैयार हो गये थे और पहली किस्त के तौर पर 20 लाख रुपये मांगे थे। एसीबी ने शुक्रवार को सूचना पर कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया। अधिकारियों की तरफ से अमित जाधव ने पाथर्डी फाटा जीएसटी कार्यालय में 20 लाख रुपये की किस्त ली और रंगे हाथों पकड़ा गया।
इसके बाद के अभियान में पागे और डोंडे दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। कार्यालय और संदिग्धों के यहां की गयी तलाशी के दौरान, एसीबी ने पागे के कार्यालय से दो लाख रुपये नकदी बरामद की। तीनों संदिग्धों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए। साथ ही उनके घरों की और तलाशी ली गयी। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त विजय चव्हाण ने अभियान की अगुवाई की, जबकि पुलिस सह-आयुक्त अनिल घेर्डिकर और पुलिस निरीक्षक मोहन जगदाले अभियान की निगरानी कर रहे थे।







