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चारा घोटाले की तर्ज पर ही झारखंड में ऊर्जा विभाग और पेयजल विभाग में घोटाला: बाबूलाल मरांडी

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Scam in Jharkhand's Energy Department and Drinking Water Department on the lines of Fodder Scam: Babulal Marandi

रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन पर बड़ा आरोप लगाया है। श्री मरांडी ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, टेंडर मैनेज करने और कमीशन की उगाही में उलझने के बजाय अब हेमंतसोरेन जेएमएम सरकार के ऊर्जा विभाग में सीधे खजाने पर ही डाका डाला जा रहा है।
रायसरयूजी, आप दिवंगत सुशील मोदी जी के साथ मिलकर चारा घोटाले का उद्भेदन करने वालों में अग्रणी रहे हैं और लालू प्रसाद यादव के काले कारनामों को देश के सामने लाने में आपकी अहम भूमिका रही है। आप वित्तीय अनियमितताओं की बारीकियों को भली-भांति समझते हैं। चारा घोटाले में जिस तरह कोषागार से फर्जी निकासी की गई थी, ठीक उसी तर्ज पर आज झारखंड के ऊर्जा विभाग से भी अवैध निकासी की जा रही है। जेबीवीएनएल के खातों में जमा होने वाले बिजली बिलों पर मिलने वाला ब्याज तक गबन कर लिया गया है। बिजली बिल के ब्याज समायोजन में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। ऑडिट रिपोर्ट में भी 21.51 करोड़ रुपये का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा नहीं मिल रहा है। इतना ही नहीं, पेयजल विभाग से भी खाते के माध्यम से 23 करोड़ रुपये निकाल लिए गए, और संयोग देखिए कि ऊर्जा विभाग स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के अधीन है। क्या यह संभव है कि किसी विभाग से अरबों रुपये की अवैध निकासी हो जाए और विभागीय मंत्री को इसकी जानकारी न हो? यदि यह निकासी मुख्यमंत्री की जानकारी में हुई है, तो यह सीधा सत्ता के संरक्षण में भ्रष्टाचार का मामला है। और यदि जानकारी में नहीं हुई, तो यह सरकार की पूर्ण विफलता को दर्शाता है। मैं पूर्व में भी कई बार कह चुका हूं कि चारा घोटाले की तर्ज पर ही झारखंड में ऊर्जा विभाग और पेयजल विभाग में सुनियोजित घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है। लालू यादव को तो उनके कर्मों की सजा मिल चुकी है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि झारखंड आज भी लूटा जा रहा है। हेमंत सोरेन और उनके संरक्षण में फल-फूल रहे भ्रष्टाचारियों को भी आखिरकार जनता और कानून के सामने जवाब देना ही पड़ेगा।

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