महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की राजनीति में उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार की अचानक विमान दुर्घटना में असामयिक मृत्यु के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के दो गुट फिलहाल अलग-अलग रुख पर हैं। एक गुट महायुति गठबंधन के साथ बने रहने का पक्षधर है, जबकि दूसरा गुट शरद पवार के नेतृत्व में फिर से विलय का समर्थक है। अजीत पवार की मौत के बाद यह सवाल उठ रहा है कि NCP अब किस दिशा में जाएगा और पार्टी के भीतर नेतृत्व का रुख क्या होगा।
पार्टी नेताओं ने सुझाव दिया है कि अजीत पवार की पत्नी और राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार को कैबिनेट में शामिल किया जाना चाहिए। NCP के वरिष्ठ नेता और FDA मंत्री नरहरि ज़िरवाल ने कहा कि लोग चाहते हैं कि “वहिनी” को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जाए और वे पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाएं। अजित पवार के पास वित्त, योजना, राज्य उत्पाद शुल्क, खेल और अल्पसंख्यक विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे, जिन्हें अब पार्टी अपने कोटे में रखने की कोशिश कर सकती है।
अजित पवार के करीबी सहयोगी किरण गुजर ने बताया कि दिवंगत नेता दोनों गुटों के विलय के इच्छुक थे और उन्होंने इस प्रक्रिया को अगले कुछ दिनों में पूरा करने की योजना बनाई थी। यह विलय स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पहले ही शुरू हो चुका था, और दोनों गुटों के एक साथ आने की दिशा में कदम उठाए जा रहे थे।
NCP नेता नवाब मलिक ने कहा कि विलय पर अंतिम फैसला अजीत पवार और शरद पवार को लेना था, और अब भविष्यवाणी करना मुश्किल है कि राजनीति किस दिशा में जाएगी। वहीं प्रमोद हिंदुराव ने सुझाव दिया कि सुनेत्रा पवार को अपने पति की विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए और पार्टी कार्यकर्ताओं का ध्यान रखना चाहिए।
अजीत पवार के जुलाई 2023 में तत्कालीन एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद NCP में पहले ही फूट पड़ चुकी थी। अब उनकी मृत्यु ने पार्टी के अंदर रणनीतिक निर्णय और नेतृत्व संघर्ष को और अधिक जटिल बना दिया है, जबकि सुनेत्रा पवार को पार्टी की नई नेतृत्व भूमिका निभाने के लिए तैयार रहने की उम्मीद है।







