नयी दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Iran–Israel conflict escalation 2020s के असर से अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा महंगी होती जा रही है। भारत से यूरोप और खाड़ी देशों की उड़ानों के किराए में पिछले एक सप्ताह में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासकर दुबई रूट पर हवाई टिकट की कीमतों में 60% से 80% तक उछाल देखा गया है, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
ट्रैवल कंपनी Pickyourtrail के आंकड़ों के अनुसार, सीमित उड़ान संचालन और हवाई मार्गों में बदलाव के कारण भारत-दुबई कॉरिडोर पर एकतरफा टिकट के दाम तेजी से बढ़े हैं। वहीं कई उड़ानों के रद्द होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस सप्ताह रद्द हुई कुल उड़ानों में से करीब 50% से 65% दुबई रूट से जुड़ी थीं।
यूरोप जाने वाले यात्रियों को भी महंगे टिकट का सामना करना पड़ रहा है। जर्मनी और पुर्तगाल जैसे देशों के लिए उड़ानों का किराया 40% से ज्यादा बढ़ गया है। उदाहरण के तौर पर Frankfurt के लिए दिल्ली से इकनॉमी क्लास का सबसे सस्ता टिकट करीब 1.5 लाख रुपये तक पहुंच गया है। कई तारीखों के लिए टिकट उपलब्ध ही नहीं हैं, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक योजनाएं बनानी पड़ रही हैं।
एयरलाइन अधिकारियों का कहना है कि मिडिल ईस्ट के कुछ हिस्सों में एयरस्पेस बंद होने और सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण उड़ानों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। इसके अलावा विमान बीमा की लागत बढ़ना, जेट फ्यूल की कीमतों में उछाल और सीटों की सीमित उपलब्धता भी किराए बढ़ने की बड़ी वजह हैं।
कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ Hari Ganapathy के मुताबिक प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए री-रूटिंग सेवा शुरू की गई है। इसके तहत यात्री 2 से 4 घंटे के भीतर वैकल्पिक मार्ग से यात्रा की नई योजना बना सकते हैं। साथ ही उन्हें रिफंडेबल होटल, रिफंडेबल फ्लाइट और अतिरिक्त ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।







