मुंबई:शिवसेना यूबीटी ने दावा किया है कि साल 2022 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार के विधायकों को हनी ट्रैप में फंसाकर सरकार गिराई गई। शिवसेना यूबीटी ने अपने मुखपत्र सामना में मंगलवार को ये भी दावा किया है कि विधायकों को फंसाने के लिए गुप्त कैमरों और पेगासस जैसे सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।
सामना के संपादकीय लेख में कहा गया है कि अविभाजित शिवसेना और एनसीपी के कुछ विधायकों ने केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में अपनी निष्ठा बदली। कम से कम 18 विधायकों और चार सांसदों को हनीट्रैप में फंसाया गया था, जिसके चलते ही उन्होंने अपनी छवि बचाने के लिए भाजपा से हाथ मिला लिया। इसमें कहा गया है कि कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया था कि सांसदों और विधायकों को ब्लैकमेल किया गया था और विपक्ष के पूर्व नेता होने के नाते उनकी टिप्पणी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। संपादकीय के अनुसार, ‘गुप्त कैमरों और इस्राइल के पेगासस जैसे सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। अब ये साफ हो गया है कि महाविकास अघाड़ी सरकार इस हनीट्रैप की वजह से ही गिरी।’







