नई दिल्ली: भारत-स्पेन के रक्षा सहयोग में एक बड़ा मील का पत्थर सेट हो गया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस से मुलाकात के दौरान बताया कि एयरबस टाटा असेंबली लाइन के तहत भारत में बना पहला C-295 विमान सितंबर 2026 तक वडोदरा फैक्ट्री से तैयार हो जाएगा। यह विमान भारतीय वायु सेना के पुराने एवरो-748 विमानों को बदलने के लिए विकसित किया जा रहा है और इसके निर्माण से भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
C-295 विमान का निर्माण वडोदरा स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) के प्लांट में किया जा रहा है, जिसे अक्टूबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। इस प्लांट के तहत 56 विमानों का निर्माण होगा, जिसमें पहले 16 ‘फ्लाई-अवे’ विमान स्पेन से आएंगे, जबकि बाकी 40 विमान भारत में ही TASL द्वारा निर्मित किए जाएंगे। पहले 16 विमान सितंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच भारतीय वायु सेना को दिए गए हैं।
C-295MW एक बहुउद्देश्यीय ट्रांसपोर्ट विमान है, जो 5 से 10 टन तक का भार ढो सकता है और इसकी अधिकतम गति 480 किलोमीटर प्रति घंटे है। इसमें सैनिकों और सामग्रियों को उतारने के लिए रियर रैंप डोर है, जिससे ऑपरेशन्स तेजी से पूरे किए जा सकते हैं। विमान का केबिन आकार 12.7 मीटर है और इसमें 71 सीटों की व्यवस्था हो सकती है।
जयशंकर ने बैठक में कहा कि यह परियोजना भारत और स्पेन के बीच रक्षा औद्योगिक साझेदारी की गहराई को दिखाती है। दोनों देशों ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और बढ़ती आर्थिक साझेदारी पर जोर दिया। इस कदम से भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता बढ़ेगी और देश वैश्विक विमान निर्माण में सहयोगी और सह-निर्माता के रूप में उभरेगा। C-295 विमान परियोजना से न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि भारत की रणनीतिक सामर्थ्य भी मजबूत होगी।
इस तरह, भारत-स्पेन रक्षा सहयोग अब केवल सौदों तक सीमित नहीं, बल्कि औद्योगिक और तकनीकी साझेदारी की दिशा में एक ठोस उदाहरण बन चुका है।







