कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के मद्देनजर मार्च महीने में कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में विशाल रैली की योजना बना रही है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने की पूरी संभावना है। पार्टी ने हालांकि अभी तारीख को अंतिम रूप नहीं दिया है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि चुनाव से पहले ब्रिगेड रैली का उद्देश्य संगठनात्मक ताकत दिखाने पर है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, रैली का समय रथ यात्राओं की एक शृंखला के पूरा होने पर निर्भर करेगा। भाजपा इसे पूरे दक्षिण बंगाल में निकालने की योजना बना रही है। डोल यात्रा के तुरंत बाद ये यात्राएं शुरू होने वाली हैं। इलाके के कई संगठनात्मक क्षेत्रों से शुरू होंगी और ब्रिगेड मैदान पर खत्म होंगी। इससे प्रस्तावित मेगा रैली में मदद मिलेगी। नेताओं ने कहा कि विचार यह है कि कोलकाता में बड़ी संख्या में लोगों को लाने के लिए दक्षिण बंगाल के कई जिलों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को इकट्ठा किया जाए। परीक्षाओं का मौसम समाप्त होने के बाद भाजपा नेतृत्व लोगों तक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है।
मार्च के पहले हफ्ते से पूरे राज्य में कई सार्वजनिक बैठक होने की उम्मीद है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों शामिल होंगे। कई जिला-स्तर की रैलियां होने वाली हैं, लेकिन पार्टी खास तौर पर कोलकाता क्षेत्र के लिए ब्रिगेड परेड मैदान में एक हाई-प्रोफाइल बैठक करने को लेकर उत्सुक है। इसके अलावा भगवा खेमा उत्तर बंगाल में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए सिलीगुड़ी में पीएम मोदी की एक बड़ी रैली की भी योजना बना रहा है। बता दें कि मोदी ने पहले भी पश्चिम बंगाल में कई बड़ी रैलियां की हैं। इनमें 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव शामिल हैं, जब उन्होंने कोलकाता, सिलीगुड़ी और दूसरे अहम केंद्रों पर भारी भीड़ जुटाने में कामयाबी हासिल की थी। पार्टी नेताओं का मानना है कि राज्य में राजनीतिक लामबंदी के पारंपरिक केंद्र ब्रिगेड परेड मैदान में वापसी मजबूत प्रतीकात्मक महत्व रखेगी और आगामी महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबले से पहले कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा भरने में मदद करेगी। अपनी चुनावी योजना के साथ-साथ, राज्य भाजपा उम्मीदवारों के चयन के काम में भी तेजी ला रही है। बताया जाता है कि जिला इकाई को इस महीने सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों के नाम राज्य नेतृत्व को भेजने को भी कहा गया है। हर जिले से हर सीट के लिए तीन नामों की सिफारिश करने की उम्मीद है। कुछ सीटों के लिए और भी सुझाव मिल सकते हैं। इसके बाद राज्य इकाई नामों की जांच करेगी और उन्हें शॉर्टलिस्ट करेगी, फिर पूरी सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजेगी। इस बीच केंद्रीय भाजपा अलग-अलग सर्वेक्षण एजेंसियों से मिले इनपुट को ध्यान में रखेगी और उन्हें जिला स्तर की सिफारिशों से क्रॉस-चेक करेगी। पार्टी के अंदर के लोगों ने इशारा किया है कि केंद्रीय नेतृत्व मार्च के दूसरे हफ्ते से अलग-अलग चरण में उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर सकती है।







