
नई दिल्ली:आज संसद के मानसून सत्र का छठा दिन है। विपक्षी दलों के सांसद बिहार में मतदाता सूची और पहलगाम आतंकी हमले के मुद्दे पर आक्रामक हैं और सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। आज लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हो रही है। जिसमें सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर अपना पक्ष रखा। रमाशंकर राजभर ने सपा की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए कहा कि ‘ये सरकार अगर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रख पाती तो आतंकी हमला होता ही नहीं। अमेरिका के साथ हमारे रिश्ते रणनीतिक हैं, लेकिन सहयोगी की कोई भी बात बराबरी और पारदर्शिता के आधार पर ही हो। हमारी विदेश और घरेलू नीति ऐसी होनी चाहिए कि जवान की सीमा, गरीब का पेट और किसान का खेत सुरक्षित होना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने 100 आतंकवादियों को मारा, लेकिन ये नहीं बताया गया कि उन आतंकियों में वो चार आतंकी मारे गए या नहीं, जिन्होंने पहलगाम में निर्दोष लोगों को मारा।’
‘क्या गृहमंत्री पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेंगे? क्या प्रधानमंत्री इसकी जिम्मेदारी लेंगे? भारतीय मीडिया की रिपोर्ट्स से ऐसा लगा कि हम पाकिस्तान पर कब्जा करके ही रहेंगे, लेकिन हम क्यों रुक गए। हम आगे क्यों नहीं बढ़े?’गौरव गोगोई ने कहा कि ‘हमले से कुछ ही दिन पहले गृह मंत्री ने जम्मू कश्मीर में सुरक्षा की समीक्षा की थी, फिर ये हमला कैसे हुआ। इसकी जिम्मेदारी गृह मंत्री को लेनी होगी। आप एलजी के पीछे नहीं छिप सकते। देश के मुखिया हमले के वक्त सऊदी अरब में थे और वे वहां से आकर पहलगाम नहीं गए बल्कि चुनावी सभा को संबोधित करने बिहार गए।’गौरव गोगोई ने एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि ‘ ऐसा कहा गया कि पहले 21 टारगेट चुने गए और फिर सिर्फ 9 पर हमला किया गया। सरकार ने ऐसा क्यों किया, टारगेट कम क्यों किया गया। जब देश पर इतना बड़ा आतंकी हमला हुआ, विपक्ष और पूरा देश पीएम मोदी के साथ था और अचानक 10 मई के दिन सूचना आई कि पाकिस्तान के साथ सीजफायर हो गया। ऐसा क्यों हुआ? अगर पाकिस्तान अपने घुटनों पर था तो आप क्यों रुके, आप किसके सामने झुके। अमेरिका के राष्ट्रपति कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान में संघर्ष विराम कराया। भारत के 5-6 जेट गिरने की बात कही जा रही है। एक एक जहाज हजारों करोड़ का है। ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि कितने जेट गिरे। ब्रिक्स में जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले की निंदा हुई, उसमें भी पाकिस्तान की निंदा नहीं हुई। भारत के सहयोगी देशों ने भी क्यों भारत और पाकिस्तान को हाइफरनेट किया। दोनों को एक साथ क्यों लिया?’






