- कुर्मी समाज के चार बड़े चेहरे चुनावी मैदान में
रोहतास। जिले का करगहर विधानसभा में चुनावी लड़ाई दिलचस्प होती जा रही है। एक ही पार्टी से कई दावेदार अपनी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं और चुनावी मैदान में भी उतर चुके हैं। हालांकि अभी सीट बंटवारे को लेकर कोई अपडेट नहीं है लेकिन सभी दलों के प्रत्याशी अपनी पकड़ मजबूत बनाने के साथ-साथ लोगों को अपने कार्यों को गिराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बताते चले की माहागठबंधन की ओर से यह सीट अभी तक कांग्रेस के खाते में है, जबकि एनडीए की ओर से यह सीट जेडीयू के खाते में है। लेकिन सभी पार्टियों के संभावित प्रत्याशी मैदान में उतरे हुए हैं। यह विधानसभा इसलिए सुर्खियों में भी है की यहां से जेडीयू के पूर्व विधायक वशिष्ठ सिंह चुनावी मैदान में है तो वही दूसरी ओर सीनियर आईएएस एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव एवं पूर्व जिलाधिकारी पश्चिमी चंपारण दिनेश राय ने भी पद से इस्तीफा देकर चुनावी मैदान में कूद चुके है। बताया जाता है के दिनेश राय जेडीयू के टिकट से ही चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया है और वो चुनावी मैदान में पूरी तरह से सक्रिय है। पूर्व विधायक वशिष्ठ सिंह की लोकप्रियता क्षेत्र में बरकरार है तो वही आईएएस दिनेश राय भी पीछे नहीं है। उनकी सादगी ही उनकी लोकप्रियता है। वही गृहणी से जिला पार्षद तक का सफर तय करने वाली जदयू नेत्री नीलम पटेल भी चुनावी मैदान में नजर आ रही है। नीलम पटेल भी जदयू के लिए दादेदारी पेश करती दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में एक नाम और जुड़ गया है। परिवहन विभाग में कार्यरत सरोज सिंह का भी नाम सामने आ रहा है। सूत्रों की माने तो करगहर प्रखंड के रेडिया गांव निवासी सरोज सिंह भी चुनावी मैदान में ताल ठोकने के लिए तैयार है। बताया जाता है कि सरोज सिंह का भी करगहर विधानसभा क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। बताया जाता है कि बिहार राज्य पथ परिवहन निमग की कई बसे करगहर विधानसभा क्षेत्र से राजधानी पटना के लिए खुल रही है इसमें सरोज सिंह का अहम योगदान माना जा रहा है। खास बात यह है कि ये भी कुर्मी समाज से ही आते है। जाती गत समीकरण की बात करें तो करगहर विधानसभा क्षेत्र कुर्मी बहुल है और करगहर विधानसभा के लिए जेडीयू से चार कुर्मी समाज का बड़ा चेहरा चुनावी मैदान में ताल ठोक रहें है।







