नयी दिल्ली: भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने एक बार फिर विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा साबित करते हुए इंग्लैंड को फाइनल मुकाबले में 100 रनों से हराकर छठी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। कप्तान आयुष म्हात्रे की अगुआई में भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान अजेय रही और ग्रुप चरण से लेकर फाइनल तक किसी भी टीम को जीत का मौका नहीं दिया। फाइनल में वैभव सूर्यवंशी बने सुपरस्टार फाइनल मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया।
50 ओवर में भारतीय टीम ने 9 विकेट पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रनों की तूफानी पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। कप्तान आयुष म्हात्रे ने 53 रनों का अहम योगदान दिया, जबकि निचले क्रम में कनिष्क चौहान ने 20 गेंदों पर नाबाद 37 रन बनाकर भारत को 400 के पार पहुंचाया।इंग्लैंड की ओर से गेंदबाज़ी में जेम्स मिंटो सबसे सफल रहे, जिन्होंने 3 विकेट झटके।412 रन के लक्ष्य के आगे इंग्लैंड की पारी ढह गई. 412 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम दबाव में बिखरती नज़र आई और 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई।
इंग्लैंड के लिए कैलब (सैलेब) फाल्कनर ने 67 गेंदों पर 115 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, लेकिन वह टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहे भारतीय गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन किया। आर.एस. अम्बरिष ने 3 विकेट लेकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। पूरे टूर्नामेंट के दौरान वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अभिज्ञान कुंडू ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। टीम इंडिया की संतुलित बल्लेबाज़ी, सटीक गेंदबाज़ी और बेहतरीन फील्डिंग ने उसे खिताब का प्रबल दावेदार बनाया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने छठी बार अंडर-19 विश्व कप जीतकर अपनी श्रेष्ठता को और मजबूत किया। यह जीत भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य का संकेत मानी जा रही है।







