महाराष्ट्र: पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना को लेकर रविवार को बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल की विवादित टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी हुई और स्थिति अचानक बेकाबू हो गई, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया।
इस हिंसक झड़प में कुल नौ लोग घायल हो गए, जिनमें तीन कांग्रेस कार्यकर्ता, दो भाजपा कार्यकर्ता, दो पुलिसकर्मी और दो मीडियाकर्मी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनका उपचार किया गया है। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया।
पुलिस ने बताया कि दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिवाजीनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। भाजपा नेताओं ने कहा कि सपकाल की टिप्पणी से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, जबकि कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा को भड़काया।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब टीपू सुल्तान की ऐतिहासिक भूमिका और उनकी विरासत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने और राजनीतिक लाभ के लिए इतिहास का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने कांग्रेस पर महान मराठा शासक शिवाजी महाराज का अपमान करने का आरोप लगाया।
इस घटना ने पुणे में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







