नयी दिल्ली: सोमवार को भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे (US-India Trade Deal) पर चर्चा की मांग को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दलों के लगातार व्यवधान के चलते सदन की कार्यवाही एक बार फिर बिना किसी ठोस कामकाज के स्थगित कर दी गई। यह लगातार दूसरा दिन रहा, जब लोकसभा की कार्यवाही 10 मिनट से भी कम समय में स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही की शुरुआत में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने केंद्रीय बजट पर चर्चा का प्रस्ताव रखा। लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस पर आपत्ति जताते हुए मांग की कि पहले भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे पर चर्चा कराई जाए। विपक्ष का आरोप है कि यह समझौता देश के आर्थिक हितों से जुड़ा गंभीर विषय है, जिस पर संसद में विस्तृत बहस जरूरी है।
उस समय सदन की अध्यक्षता कर रहे कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए कहा कि सदन के कामकाज का एजेंडा पहले ही तय हो चुका है और बजट पर चर्चा के लिए पार्टियों द्वारा वक्ताओं के नाम भी दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस की ओर से बजट चर्चा के लिए शशि थरूर का नाम दिया गया है।
इस पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि वे स्वयं बोलने के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा के लिए विपक्ष के नेता को अवसर देने को तैयार हैं। हालांकि विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी को तुरंत बोलने की अनुमति देने की मांग जारी रखी।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अध्यक्ष से कहा कि उन्हें बजट सत्र से पहले बोलने का आश्वासन दिया गया था और उस वादे का पालन किया जाना चाहिए। हंगामा बढ़ने पर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
इस बीच, विपक्षी दल बजट सत्र के दूसरे चरण में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में भी जुटे हैं। नियमों के अनुसार, ऐसे प्रस्ताव के लिए 20 दिन की पूर्व सूचना देना अनिवार्य होता है। संसद में जारी इस गतिरोध ने बजट सत्र के सुचारु संचालन पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।







