उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपनी सरकार का 10वां बजट पेश करते हुए राज्य के विकास और आर्थिक स्थिरता को प्रमुखता दी। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत इस बजट में नई योजनाओं के लिए 43,565 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि पूंजीगत व्यय के लिए रखी गई है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में 10वां बजट पेश करने का अवसर मिला है।
योगी ने पिछले 9 वर्षों में प्रदेश की छवि बदलने और विकास को गति देने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस बजट में महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के कौशल विकास, किसानों के कल्याण और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बताया कि उत्तर प्रदेश की सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडेक्स में रैंकिंग 2018-19 में 29वें स्थान से सुधार कर 2023-24 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है।
राज्य सरकार ने फरवरी 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन किया, जिसके बाद अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं से अनुमानित 10 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। चार प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जा चुका है, जिनमें लगभग 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा और 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया गया। इस बजट का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास, आर्थिक स्थिरता, सामाजिक कल्याण और रोजगार सृजन को सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञ इसे उत्तर प्रदेश के सतत विकास और निवेश बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।







