
महाराष्ट्र: शिवसेना (उभठा) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा अगर सोचती है कि वह उनकी पार्टी को खत्म कर सकती है, तो वह पूरी तरह गलत है। उद्धव ने स्पष्ट किया कि शिवसेना (UBT) केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक विचारधारा है, जिसे कोई भी समाप्त नहीं कर सकता।
यह टिप्पणी उन्होंने बीएमसी चुनावों में भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद की। बीएमसी के 227 सदस्यीय स्थानीय निकाय में भाजपा ने 89 सीटें जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को केवल 29 सीटें मिलीं। इस चुनाव के साथ ही भाजपा ने दशकों से ठाकरे परिवार के नियंत्रण में रहे देश के सबसे धनी नगर निकाय पर अपना दबदबा बना लिया।
उद्धव ने अविभाजित शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की जयंती समारोह में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “कई लोग ठाकरे परिवार का नाम मिटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा। अगर भाजपा सोचती है कि वह शिवसेना (UBT) को खत्म कर सकती है, तो वह पूरी तरह गलत है। हमारी पार्टी एक विचार है, जिसे कोई नहीं मिटा सकता।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि शिवसेना (UBT) का लक्ष्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचना और उनकी आवाज बनना है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच इस विचारधारा को जीवित रखें और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में योगदान दें।
भाजपा की बीएमसी में जीत ने राजनीतिक परिदृश्य बदल दिया है, लेकिन उद्धव ठाकरे का यह बयान यह स्पष्ट करता है कि शिवसेना (UBT) सिर्फ सत्ता की दौड़ में नहीं बल्कि एक स्थायी विचारधारा के रूप में हमेशा मौजूद रहेगी। उन्होंने अपने समर्थकों से आगामी चुनौतियों के लिए तैयार रहने और पार्टी के मूल सिद्धांतों को बनाए रखने का आग्रह किया।
यह बयान न केवल शिवसेना समर्थकों के लिए उत्साहजनक है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार की स्थायी छवि को भी पुष्ट करता है।






