मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित 11वीं सदी का स्मारक ‘भोजशाला’ एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षणों और अदालती कार्यवाहियों ने इस ऐतिहासिक स्थल से जुड़े विवाद को देश के सबसे चर्चित धार्मिक विवादों में से एक बना दिया है सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के धार में विवादित भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद परिसर में हिंदुओं और मुसलमानों को प्रार्थना करने की इजाज़त दे दी है। हिंदू समुदाय के सदस्यों को हिंदू त्योहार बसंत पंचमी पर, जो इस साल शुक्रवार को पड़ रहा है, सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की इजाज़त दी गई है, जबकि मुसलमान दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक अपनी शुक्रवार की नमाज़ पढ़ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नमाज़ के लिए आने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की संख्या ज़िला प्रशासन को बतानी होगी। कोर्ट ने ज़िला प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के इंतज़ाम करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट हिंदू संगठन, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस (HFJ) द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें बसंत पंचमी पर हिंदुओं को पूजा करने का विशेष अधिकार देने की मांग की गई थी।







