
जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, कर्तव्य, त्याग और लोककल्याण की भावना का प्रतीक है। उनके आदर्श समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने और लोगों को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
राज्यपाल गुरुवार शाम जयपुर के रामलीला मैदान में सनातन धर्म महोत्सव समिति की ओर से आयोजित रामलीला देखने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मंच पर रामलीला की प्रस्तुति देखी और भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर राज्यपाल बागडे ने राम परिवार का स्वरूप धारण करने वाले कलाकारों की अर्चना की। उन्होंने भगवान श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए उपस्थित लोगों से उनके आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आचरण और मर्यादा के संदेश को प्रस्तुत किया गया।
रामलीला भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल है। इसके जरिए भगवान श्रीराम के जीवन की घटनाओं, आदर्शों और नैतिक शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाता है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को धार्मिक परंपराओं और जीवन मूल्यों से परिचित कराने का माध्यम भी बनते हैं।
सनातन धर्म महोत्सव समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में रामलीला की प्रस्तुति के जरिए श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से सत्य, धर्म, कर्तव्य और मर्यादा का संदेश दिया गया।
राज्यपाल की उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष महत्व मिला। उन्होंने अपने संदेश के जरिए लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए दैनिक जीवन में भी अपनाने की प्रेरणा दी। रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों और पारंपरिक विरासत के संरक्षण का संदेश सामने आया।






