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राज्यसभा से हरिवंश-देवेगौड़ा समेत कई दिग्गजों की विदाई, संसदीय पारी का अहम पड़ाव

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The departure of several stalwarts, including Harivansh and Deve Gowda, from the Rajya Sabha marks a crucial milestone in their parliamentary career.

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा से रिटायर हो रहे सांसदों के विदाई सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता है। पीएम मोदी ने जाने वाले सांसदों के काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह ऐसा मौका है जो हर दो साल में सदन को भावुक कर देता है। हम उन साथियों के प्रति सम्मान जताते हैं जो अब नए रास्तों पर आगे बढ़ रहे हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साथी यहां से विदा ले रहे हैं, तो कुछ अपने अनुभव का इस्तेमाल सामाजिक जीवन में करेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग वापस नहीं लौटेंगे, उनके लिए भी राजनीति में कभी विराम नहीं लगता। भविष्य उनका इंतजार कर रहा है और उनका अनुभव देश के काम आता रहेगा। सदन में कई विषयों पर चर्चा होती है और सबके खट्टे-मीठे अनुभव रहते हैं।

पीएम मोदी ने उपसभापति हरिवंश की तारीफ करते हुए कहा, ‘हमारे उपसभापति हरिवंश सदन से विदा ले रहे हैं। हरिवंश को इस सदन में लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर मिला। वे बहुत ही मृदुभाषी हैं और सदन को चलाने में सबका विश्वास जीतने का इन्होंने निरंतर प्रयास किया है।’ पीएम ने रामदास अठावले का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने हास्य और बुद्धि से लोगों का मनोरंजन करते रहेंगे। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं एच.डी. देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार के अनुभव की भी सराहना की। पीएम ने कहा कि नए सांसदों को इन वरिष्ठ नेताओं के समर्पण और काम करने के तरीके से सीखना चाहिए।

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राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने रिटायर हो रहे सांसदों को विदाई दी। उन्होंने कहा कि राजनीति या सार्वजनिक जीवन में लोग न तो कभी थकते हैं और न ही रिटायर होते हैं। देश सेवा का जज्बा पदों से परे हमेशा बना रहता है। खरगे खुद भी जून में राज्यसभा से रिटायर होने वाले हैं। सदन को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि राज्यसभा एक स्थायी सदन है। यहां हर दो साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं और नए सदस्य आते हैं। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इतने वर्षों की राजनीति के बाद भी उन्हें इस सदन में बहुत कुछ सीखने को मिला। यहां होने वाली चर्चाएं जीवन को समृद्ध बनाती हैं।