चेन्नई। तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेनारसु ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में 2026-27 के लिए अंतरिम बजट पेश किया, जिसमें 48,696.32 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा दिखाया गया है। राज्य में दो महीने में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इसलिए द्रमुक सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया है और अगला बजट अगली सरकार कार्यभार ग्रहण करने के बाद पेश करेगी।
तमिलनाडु के वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की योजना 2026-27 के दौरान कुल 1,79,809.65 करोड़ रुपये ऋण लेने की है जिससे 31 मार्च 2027 तक कुल ऋण बढ़कर 10,71,770.34 करोड़ रुपये हो जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य सरकार कुल 60,413.42 करोड़ रुपये के ऋण का भुगतान करेगी। श्री थेनारसु ने कहा कि 2026-27 के लिए केंद्रीय हस्तांतरण सहित राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 3,44,575.31 करोड़ रुपये होने का अनुमान है (2025-26 के लिए संशोधित अनुमान 3,09,696.92 करोड़ रुपये) और राजस्व व्यय 3,93,271.63 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिसके कारण 48,696.32 करोड़ रुपये की कमी होगी।
उन्होंने कहा कि राजस्व व्यय में 2025-26 के लिए संशोधित अनुमानों (आरई) की तुलना में 3.79 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अंतरिम बजट अनुमानों में राज्य का अपना कर राजस्व बढ़कर 2,29,579.12 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिसमें अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों के कारण बेहतर आर्थिक गतिविधि के सकारात्मक प्रभाव एवं पिछले वर्ष किए गए जीएसटी दर युक्तिकरण अभ्यास के प्रतिकूल प्रभाव दोनों को ध्यान में रखा गया है। वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के कर राजस्व का संशोधित अनुमान 2,06,540.36 करोड़ रुपये है। वर्ष 2026-27 के अंतरिम बजट अनुमानों में राज्य के स्वयं के गैर-कर राजस्व का अनुमान 27,703.87 करोड़ रुपये हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय करों में तमिलनाडु का हिस्सा 62,530.65 करोड़ रुपये अनुमानित है जबकि संशोधित अनुमान वर्ष 2025-26 में यह 56,819.23 करोड़ रुपये था।
वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार द्वारा अनुदान सहायता 20,073.11 करोड़ रुपये का अनुमान है। समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत देय संपूर्ण धनराशि जारी होने के बाद अनुदान सहायता के रूप में 24,761.66 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। ब्याज भुगतान के मद में व्यय का अनुमान 78,677.29 करोड़ रुपये है जबकि पूंजीगत व्यय के लिए 59,561.72 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि संशोधित अनुमान 2025-26 में यह राशि 51,442.93 करोड़ रुपये थी, जो 15.78 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। श्री थेनारसु ने कहा कि 2026-27 के अंतरिम बजट के लिए राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद का तीन प्रतिशत तक कम होने का अनुमान है। उनके अनुसार, तमिलनाडु सरकार का 2026-27 के दौरान कुल 1,79,809.65 करोड़ रुपये उधार लेने और 60,413.42 करोड़ रुपये चुकाने की योजना है। इसके परिणामस्वरूप, 31 मार्च 2027 तक बकाया ऋण 10,71,770.34 करोड़ रुपये हो जाएगा जो 2026-27 में सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 26.35 प्रतिशत है।







