महाराष्ट्र: शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राउत ने इस घटना को महज हादसा मानने से इनकार करते हुए साजिश की आशंका जताई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जिस तरह से राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदले और उसके कुछ ही दिनों के भीतर अजीत पवार की मौत हुई, उसने कई संदेह पैदा कर दिए हैं।
संजय राउत ने आरोप लगाया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संभावित विलय और राजनीतिक दबाव के माहौल में अजीत पवार को कथित रूप से डराया गया। उन्होंने दावा किया कि सिंचाई घोटाले से जुड़ी फाइलों के जरिए दबाव बनाया गया और इसके तुरंत बाद हुई विमान दुर्घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए। राउत ने कहा कि इतने बड़े नेता की अचानक और रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत की गहन जांच जरूरी है। उन्होंने इस मामले की तुलना न्यायमूर्ति बी.एच. लोया प्रकरण से करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सवाल उठना स्वाभाविक है।
इस बीच, एनसीपी नेता अमोल मितकारी ने भी दुर्घटना को लेकर संदेह जताया है। उन्होंने पायलट के अचानक बदले जाने, उड़ान मार्ग में परिवर्तन और दुर्घटनास्थल से जुड़े तथ्यों पर सवाल उठाए। मितकारी ने मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि कुछ परिस्थितियां सामान्य हादसे से अलग प्रतीत होती हैं।
हालांकि, इस राजनीतिक घमासान के बीच एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह एक दुखद दुर्घटना है और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने 28 जनवरी को हुई इस दुर्घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी तकनीकी और परिस्थितिजन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।







