नयी दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026 के अगले ही दिन घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। रविवार को विशेष सत्र में बजट के दौरान आई भारी बिकवाली के बाद सोमवार को बाजार ने संभलने की कोशिश की और शुरुआती गिरावट से उबरते हुए हरे निशान में कारोबार करता नजर आया।
गौरतलब है कि बजट वाले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण से पहले सेंसेक्स करीब 400 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था, लेकिन भाषण खत्म होते-होते बाजार की धारणा बदल गई और सेंसेक्स में लगभग 3,000 अंकों की तेज गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,546 अंक टूटकर बंद हुआ, जिससे निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
हालांकि, बजट के अगले दिन बाजार में रिकवरी दिखी। दोपहर 12:30 बजे बीएसई सेंसेक्स 350 अंकों की बढ़त के साथ 81,073 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 भी 60 अंकों की तेजी के साथ 24,886 के आसपास पहुंच गया।
सेक्टरवार बात करें तो चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। लार्सन एंड टुब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), रिलायंस इंडस्ट्रीज और पावर ग्रिड के शेयरों में 1 से 2 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों में 6.5 फीसदी की उछाल देखने को मिली, जबकि पिछले दो सत्रों में यह शेयर करीब 21 फीसदी गिर चुका था।
दूसरी ओर, सिगरेट कंपनियों के शेयरों पर बजट का नकारात्मक असर साफ दिखा। सिगरेट पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लागू होने के बाद आईटीसी, गॉडफ्रे फिलिप्स और वीएसटी इंडस्ट्रीज के शेयरों में 2 से 5.5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।
कुल मिलाकर, बजट के बाद बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। निवेशक अब नीतिगत फैसलों के दीर्घकालिक असर और कंपनियों के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय होगी।







