नयी दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को अच्छी तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार में जोश दिखाई दिया। इस तेजी का प्रमुख कारण भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते की घोषणा है। यह डील मंगलवार को हुई और इसका उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच ज्यादातर वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स को कम करना और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है। इसके साथ ही, व्यापार समझौते से अमेरिका पर निर्भरता कम करने और भारत-EU व्यापार बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत भी मिला।
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 600 अंकों से अधिक बढ़कर 82,503 अंक पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 150 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई और यह 25,350 के पार ट्रेड कर रहा था। इस तेजी से निवेशकों की दौलत में लगभग 2.9 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 456 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। सेंसेक्स के शेयरों में एक्सिस बैंक, इटरनल और अडानी पोर्ट्स में सबसे अधिक तेजी आई, जबकि एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी और इन्फोसिस में हल्की गिरावट देखने को मिली।
बाजार को मजबूती देने में रुपये की स्थिरता ने भी अहम भूमिका निभाई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे मजबूत होकर 91.57 पर पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स हाल के चार साल के निचले स्तर पर था, जिससे रुपये को राहत मिली।
दुनिया भर के बाजारों से सकारात्मक संकेत भी भारतीय शेयर बाजार को सहारा दे रहे थे। एशियाई बाजारों में जोखिम लेने की भावना में सुधार देखा गया, खासकर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापारिक तनाव कम होने की संभावना के चलते। इसके अलावा, तकनीकी स्तरों के पास हुई खरीदारी और चार्ट पैटर्न में दिख रहे मजबूत अपट्रेंड ने अल्पकालिक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
इस पूरी प्रक्रिया से संकेत मिलता है कि भारत-EU डील के सकारात्मक असर और वैश्विक संकेतों के मिलाजुले प्रभाव ने बाजार में तेजी पैदा की और निवेशकों का उत्साह बढ़ाया।







