नयी दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने खालिस्तानी अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़े एक कथित स्लीपर सेल का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, कनाडा में बैठे पन्नू के इशारे पर भारत में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। इस मामले में स्लीपर सेल के दो कथित सदस्यों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया है, जिससे एक बड़े षड्यंत्र को समय रहते नाकाम कर दिया गया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि ये दोनों आरोपी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इनका उद्देश्य दिल्ली और आसपास के इलाकों में भय का माहौल बनाना और संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाना था। पुलिस ने आरोपियों के पास से डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क लंबे समय से निष्क्रिय अवस्था में था और सही समय का इंतजार कर रहा था। इसी वजह से इसे “स्लीपर सेल” के तौर पर वर्गीकृत किया गया। पुलिस का दावा है कि पन्नू और उसके सहयोगी विदेश से फंडिंग और निर्देश देकर इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो यह साजिश बड़े खतरे में बदल सकती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और क्या देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसे स्लीपर सेल सक्रिय हैं।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच एजेंसियां मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई को कनाडा में बैठे खालिस्तानी नेटवर्क के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि भारत अपनी आंतरिक सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क और सख्त है।







