महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की बुधवार सुबह बारामती में लियरजेट 45 विमान दुर्घटना में हुई मौत ने चार्टर्ड विमान सुरक्षा और मेंटेनेंस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस विमान में वे यात्रा कर रहे थे, वह दुनिया के सबसे लोकप्रिय बिजनेस जेट्स में से एक माना जाता है और डिजिटल फ्लाइट कंट्रोल व आधुनिक नेविगेशन सिस्टम से लैस था। हालांकि, बारामती में लैंडिंग के दौरान विमान अनियंत्रित होकर गिर गया और आग की लपटों में तब्दील हो गया। इस हादसे में अजीत पवार, दो सुरक्षाकर्मी और दो पायलट की मौत हो गई।
लियरजेट 45 का इतिहास और विशेषताएं इसे वीआईपी और बिजनेस क्लास यात्राओं के लिए पसंदीदा बनाती हैं। इस विमान का निर्माण 1960 में कनाडाई बिजनेसमैन विलियम पॉवेल लियर ने किया था और अब यह बॉम्बार्डियर एयरोस्पेस के स्वामित्व में है। लियरजेट 45 की टॉप स्पीड 860 किलोमीटर प्रति घंटे है और यह सिर्फ 18-20 मिनट में 41,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। इसके ट्विन टर्बोफैन इंजन इसे फ्यूल-एफिशिएंट और शक्तिशाली बनाते हैं। इसमें 6 से 8 लोगों के बैठने की क्षमता, वाई-फाई और सैटेलाइट फोन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
हालांकि तकनीकी रूप से उन्नत होने के बावजूद, लियरजेट विमान सुरक्षा रिकॉर्ड के लिहाज से हमेशा विवादास्पद रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में लियरजेट 45 से जुड़े लगभग 200 हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद इसकी तेज रफ्तार और छोटे रनवे पर उतरने की क्षमता इसे राजनेताओं और व्यापारियों के बीच लोकप्रिय बनाती रही।
DGCA अब इस हादसे की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि डिजिटल फ्लाइट कंट्रोल और नेविगेशन सिस्टम के बावजूद विमान क्यों क्रैश हुआ। जांच यह भी सामने ला सकती है कि क्या यह हादसा मानवीय चूक, तकनीकी खराबी, या अन्य कारणों से हुआ। इस हादसे ने चार्टर्ड विमान सुरक्षा, मेंटेनेंस और वीआईपी उड़ानों की प्रक्रियाओं पर नई बहस शुरू कर दी है।







