
नयी दिल्ली: राज्यसभा चुनाव को लेकर इस बार कई राज्यों में दिलचस्प राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल रहा है। खासकर बिहार और हरियाणा में अतिरिक्त उम्मीदवारों के नामांकन ने चुनावी समीकरणों को रोचक बना दिया है। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, जहां चार सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि पांचवीं सीट के लिए कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। इस सीट के लिए राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा और महागठबंधन की ओर से एडी सिंह मैदान में हैं, जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।
बिहार से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी नामांकन दाखिल किया है। उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन, जेडीयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर तथा भाजपा के राज्य महासचिव शिवेश कुमार ने भी पर्चा भरा है। विधानसभा में संख्या बल को देखते हुए इन चारों नेताओं की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
वहीं हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव हो रहा है। इनमें से एक सीट के लिए भाजपा की ओर से संजय भाटिया ने नामांकन दाखिल किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली की मौजूदगी में उन्होंने अपना पर्चा भरा। विधानसभा में भाजपा के बहुमत के कारण भाटिया की जीत भी लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध और उद्योगपति सतीश नांदल के बीच मुकाबला होने से चुनाव दिलचस्प हो गया है। हरियाणा में पहले भी ऐसे मुकाबलों में उद्योगपति उम्मीदवारों की जीत का इतिहास रहा है।
इसके अलावा देश के आठ अन्य राज्यों में कुल 35 उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना है। महाराष्ट्र में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और भाजपा नेता विनोद तावड़े समेत महायुति गठबंधन के छह उम्मीदवार तथा महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवार शरद पवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने जा सकते हैं। कुल मिलाकर दस राज्यों की 37 सीटों पर होने वाला यह चुनाव कई जगहों पर सियासी दिलचस्पी बढ़ा रहा है।






