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पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी से राहत, मैदानों में बढ़ी गर्मी; पारा 40°C के पार

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Rain and snow bring relief in the mountains, while the plains remain hot; temperatures exceed 40°C.

नयी दिल्ली: उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम में एक बार फिर बदलाव आया है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले दोनों से बर्फबारी हो रही है, जबकि घाटी के मैदानी इलाकों में बारिश का दौर शुरू हुआ है। इससे गर्मी से कुछ राहत मिली है। लेकिन उत्तर, पश्चिम और पूर्वी राज्यों में तपिश बरकरार है और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालांकि, दो दिन बाद उत्तर-पश्चिम में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहाड़ों के साथ ही उत्तर के मैदानी राज्यों में गरज के साथ बारिश होने और तेज हवा चलने का अनुमान है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, कश्मीर घाटी के ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में बुधवार को भी भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। इससे दो दिन में ही अधिकतम तापमान 10 डिग्री तक नीचे आ गया है। हालांकि, रात का पारा अब भी गर्म है, यह सामान्य से 7 डिग्री ऊपर है। सोमवार को जहां श्रीनगर का अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, बुधवार को यह 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 2.2 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान और बढ़ा यह, 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 7.2 डिग्री अधिक है।

12-15 मार्च तक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ पड़ने और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के रोहतांग और शिंकुला दर्रा में हल्की बर्फबारी हुई। इसके बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शिंकुला दर्रा को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने से गर्मी का दौर जारी रहा। पांच जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और मंडी में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में 12, 14 और 15 मार्च को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि, बिजली गिरने और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश होने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। 12-15 मार्च तक मंडी और शिमला जिलों में ऐसी स्थिति को लेकर यलो अलर्ट है। मैदान इलाकों में पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 38-42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी व मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंतरिक कर्नाटक और केरल में पारा 35-38 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। रात का भी चढ़ रहा पारा…पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर के राज्यों, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में रात का न्यूनतम तापमान 14-18 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

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वहीं, बिहार, पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों, ओडिशा, गुजरात और दक्षिण भारत के राज्यों में यह 22-27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। आईएमडी के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। बिहार से उत्तरी छत्तीसगढ़ तक निचले क्षोभमंडल में कम दबाव का क्षेत्र बना है। 14 मार्च से उत्तर पश्चिम में नया पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इन मौसमी प्रणालियों से हिमाचल और उत्तराखंड में 17 मार्च तक बारिश और बर्फबारी हो सकती है। आईएमडी के अनुसार, अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में अधिकतम तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट की संभावना है। मध्य भारत में अगले तीन दिन बाद अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन होने की संभावना नहीं है और इसके बाद के 4 दिनों में 3-4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आएगी। महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में अगले 5 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। देश के शेष हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।







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