रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जिंदल पब्लिक स्कूल के छात्र कृष्ण अग्रवाल ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। बच्चों को गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से जलने की दुर्घटनाओं से बचाने के लिए बनाए गए उनके अभिनव मॉडल को 12वीं राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (NLEPC-2026) में तीसरा पुरस्कार मिला है।
नई दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिता में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कृष्ण अग्रवाल को सम्मानित किया। उनके प्रोजेक्ट का नाम ‘फ्लिप इलेक्ट्रिक आयरन फॉर चाइल्ड सेफ्टी’ है। इस मॉडल का उद्देश्य घरों में बच्चों को गर्म प्रेस से होने वाली दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखना है।
प्रेस में लगाए सुरक्षा के खास फीचर
कृष्ण अग्रवाल के बनाए मॉडल में प्रेस को सुरक्षित रखने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें स्वचालित रूप से पलटने की व्यवस्था है। प्रेस को छोड़ने पर उसका गर्म हिस्सा ऊपर की ओर हो जाता है, जिससे बच्चों के सीधे संपर्क में आने का खतरा कम हो सकता है।
इसके अलावा, इसमें 30 सेकंड के भीतर अपने आप बंद होने की सुविधा और बच्चों को अनजाने में प्रेस चलाने से रोकने के लिए विशेष सुरक्षा लॉक दिया गया है। कम लागत में तैयार यह मॉडल घरेलू दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।
80 हजार विचारों में बनाई जगह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ से प्रस्तुत लगभग 80 हजार नवाचार विचारों में से कृष्ण अग्रवाल के मॉडल को शीर्ष 62 नवाचारों में जगह मिली। उनके प्रोजेक्ट को इंस्पायर मानक-2026 के संकलन में भी शामिल किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत से जुड़ी यह योजना विद्यार्थियों को रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित करती है।
शिक्षा मंत्री ने दी बधाई
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कृष्ण अग्रवाल की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कृष्ण के अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार की भी सराहना की।
शिक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि कृष्ण की सफलता से प्रदेश के अन्य विद्यार्थी भी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित होंगे।







