
नयी दिल्ली: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति में नया घमासान शुरू हो गया है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने घोषणा की है कि पंजाब में एक विशाल किसान रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें राहुल गांधी मुख्य रूप से शामिल होंगे और इस समझौते के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने बताया कि यह रैली 28 फरवरी या 1 मार्च को आयोजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के कुछ प्रावधान देश के किसानों के हितों के खिलाफ हो सकते हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस समझौते से कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे भारतीय किसानों की प्रतिस्पर्धा और आय पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
कांग्रेस ने पंजाब को इस आंदोलन की शुरुआत के लिए इसलिए चुना है क्योंकि इसे देश का कृषि केंद्र माना जाता है। पार्टी का मानना है कि यहां से आंदोलन शुरू कर किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट किया जा सकता है। राहुल गांधी पहले भी संसद और सार्वजनिक मंचों से किसानों के मुद्दे उठाते रहे हैं और अब इस समझौते को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोलने की रणनीति बना रहे हैं।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से भी इस मुद्दे पर जवाबी रुख अपनाया गया है। अमित शाह ने राहुल गांधी को इस विषय पर खुली बहस की चुनौती दी है। कांग्रेस ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा है कि किसान इस बहस का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं।
अब सबकी नजरें पंजाब में होने वाली इस प्रस्तावित रैली पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और किसान आंदोलन की दिशा तय कर सकती है।






