कश्मीर : पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद इसका असर भारत के कश्मीर तक पहुंच गया है। रविवार को कश्मीर के कई शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण मार्च करते हुए अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए और इस घटना की कड़ी निंदा की।
अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर, बडगाम और आसपास के इलाकों में लोगों ने जुलूस निकालकर खामेनेई के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और इस हमले को गंभीर अंतरराष्ट्रीय घटना बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि खामेनेई न केवल ईरान के सर्वोच्च नेता थे, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक और राजनीतिक व्यक्तित्व भी थे। उनकी मौत से क्षेत्रीय संतुलन पर गहरा असर पड़ सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने हालात को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि अब तक सभी प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं और कहीं से भी हिंसा या तोड़फोड़ की सूचना नहीं मिली है। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह पुष्टि की कि अमेरिकी और इजराइली सैन्य कार्रवाई के दौरान खामेनेई की मौत हुई। इस खबर के बाद दुनिया के कई हिस्सों में विरोध और समर्थन दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कश्मीर में हुए इन प्रदर्शनों को भी उसी वैश्विक प्रतिक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक राजनीति और सुरक्षा पर भी दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है, जिसका असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगा।







