
आज देशभर में छठ पूजा का पर्व मनाया जा रहा है। छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य का होता है। आज के दिन व्रती घाट पर अपने परिवार के सदस्यों संग किसी पवित्र नदी के किनारे आकर शाम को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देती हैं और छठी मईया की पूजा करती है। पंचांग के अनुसार आज सूर्यास्त का समय 05 बजकर 40 मिनट का है। इस दौरान सभी व्रती अस्त होते सूर्यदेव की पूजा और अर्घ्य देती हैं। हिंदू धर्म में छठ पर्व का विशेष महत्व होता है। लोक आस्था का महापर्व छठ चार दिनों तक चलता है। पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन छठ पूजा का खास दिन होता है जिसमें छठी मईया की पूजा और डूबते हुए सूर्य को अर्ध्य दिया जाता है, जिसे संध्या अर्घ्य कहते हैं। इसके बाद चौथे दिन सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर 36 घंटों तक चलने वाले निर्जला व्रत का पारण होता है।
आज सूर्योपसना का सबसे बड़ा त्योहार छठ पूजा का पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार षष्ठी तिथि का आरंभ आज यानी 27 अक्तूबर को सुबह 06 बजकर 04 मिनट तक है। इस तिथि का समापन 28 अक्तूबर 2025 को सुबह 07 बजकर 59 मिनट पर होगा। आज छठ महापर्व है। हर वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर छठ पूजा का त्योहार मनाया जाता है। इस तिथि पर सूर्य के अस्त होने पर अर्घ्य देने की परंपरा होती है। छठ पूजा चार दिनों का पर्व होता है। छठ पर्व पर व्रती 36 घंटे तक चलने वाले निर्जला उपवास में सूर्यदेव की उपासना और छठ मैया की पूजा करने विशेष महत्व होता है। छठ पर्व पक दोस्तों, रिश्तेदारों और परिजनों को छठ की शुभकामनाएं भेजी जाती है।






