नई दिल्ली: राजद नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के मतदाता सूची में नाम न होने वाले बयान पर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष और भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर एक-दूसरे पर हमला बोला है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि भाजपा इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने में लगी हुई है। वहीं भाजपा नेता बूरा नरसैया गौड़ ने कहा कि विपक्षी गठबंधन लोकतंत्र की जड़ यानी चुनाव पर प्रहार करना चाहता है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि भाजपा इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने में लगी हुई है। वोट का अधिकार ही गरीबों की ताकत है। भाजपा इसी ताकत और सम्मान को खत्म करना चाहती है।
इसकी शुरुआत हो चुकी है। बिहार में लोकसभा में पूरा विपक्ष चल रहे एसआईआर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। हम कह रहे हैं कि यह वोट की चोरी है और इसे रोका जाना चाहिए। लेकिन सरकार इसे नहीं समझ रही है। कल भी संसद का सत्र है। देखते हैं क्या होता है। वहीं भाजपा नेता बूरा नरसैया गौड़ ने कहा ने कहा कि इस रवैये से बहुत गंभीरता से निपटा जाना चाहिए। अभी तक एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री मोदी चुपचाप देख रहे हैं। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और इंडिया गठबंधन जैसे लोकतंत्र विरोधियों पर प्रहार करने का यह सही समय है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनकी टीम, तेजस्वी यादव और बिहार व पूरे भारत में इंडिया गठबंधन गोएबल्स विश्वविद्यालय के मास्टर बन गए हैं। वे लोकतंत्र की जड़ यानी चुनाव पर प्रहार करना चाहते हैं। वे फर्जी मतदाता सूचियों के ज़रिये चुनाव जीतना चाहते हैं।
इसीलिए वे बिहार में एसआईआर के खिलाफ हैं। ये लोग रोते-बिलखते बच्चे बन गए हैं क्योंकि वे अपनी जीत के लिए नकली मतदाताओं, बांग्लादेशी मतदाताओं, धोखेबाज मतदाताओं और नकाबपोश मतदाताओं पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई और देश होता तो इन लोगों को जेल हो जानी चाहिए थी, क्योंकि यह देशद्रोह के अलावा और कुछ नहीं है। इस रवैये से बहुत गंभीरता से निपटना होगा। अभी तक एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री मोदी चुपचाप देख रहे हैं।
राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और इंडिया गठबंधन जैसे लोकतंत्र-विरोधियों प्रहार करने का समय आ गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि मेरा नाम मतदाता सूची में नहीं है। मैं चुनाव कैसे लड़ूंगा? तेजस्वी ने चुनाव के एप को दिखाते हुए कहा कि उनके ईपीआईसी नंबर को सर्च करने पर उनका नाम मतदाता सूची में नहीं आ रहा है। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने तुरंत ही तेजस्वी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया।







