बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मेट्रो किराया वृद्धि को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या को सोमवार सुबह जयनगर मेट्रो स्टेशन के पास विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एहतियाती हिरासत में लिया, हालांकि कुछ समय बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इस घटना के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं और मामला राज्य बनाम केंद्र की राजनीति का रूप ले चुका है।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि तेजस्वी सूर्या को जयनगर मेट्रो स्टेशन के बजाय फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया। मंत्री के अनुसार, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया। परमेश्वर ने केंद्र और राज्य सरकारों से मेट्रो किराया जैसे संवेदनशील मुद्दों पर टकराव की बजाय सामूहिक और सहमति से निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु मेट्रो परियोजना केंद्र और राज्य दोनों की संयुक्त पहल है, इसलिए आरोप-प्रत्यारोप से बचते हुए मिलकर काम करना चाहिए।
इस बीच, तेजस्वी सूर्या ने अपनी रिहाई के बाद कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कर्नाटक सरकार की वित्तीय स्थिति को “खराब” बताते हुए कहा कि बढ़ते मेट्रो किराए और महंगाई का बोझ आम नागरिकों पर डाला जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से ‘नम्मा मेट्रो’ को दी जाने वाली नकद सहायता बहाल करने की मांग की और कहा कि गिरफ्तारी से वे चुप नहीं बैठेंगे।
गौरतलब है कि मेट्रो किराया वृद्धि को लेकर पहले से ही केंद्र और राज्य सरकारें एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं। कांग्रेस सरकार का आरोप है कि केंद्र पर्याप्त सहायता नहीं दे रहा, जबकि भाजपा का कहना है कि राज्य सरकार की वित्तीय नीतियां कमजोर हैं। ऐसे में तेजस्वी सूर्या की हिरासत ने इस विवाद को और हवा दे दी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के आसार हैं।







