
मुंबई: महाराष्ट्र की नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का हालिया दिल्ली दौरा राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। अपने पति और एनसीपी नेता अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद पदभार संभालने के पश्चात यह उनका पहला राष्ट्रीय राजधानी दौरा था। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए सुनेत्रा पवार को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और सहयोग का भरोसा जताया।
इस मुलाकात में उनके साथ बेटे पार्थ पवार और जय पवार के अलावा एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे भी मौजूद रहे। राजनीतिक हलकों में इस दौरे को शिष्टाचार भेंट से आगे बढ़कर पार्टी की भावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
एनसीपी (अजित पवार गुट) ने स्पष्ट किया है कि शरद पवार गुट के साथ किसी भी संभावित विलय का मुद्दा फिलहाल एजेंडे में नहीं है। पार्टी के कई विधायक इस विचार के विरोध में बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर आंतरिक सहमति बन चुकी है और फरवरी के अंत तक इस प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने की संभावना है। इसके लिए मुंबई में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक प्रस्तावित है।
वहीं, पार्थ पवार को राज्यसभा भेजे जाने को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। सुनेत्रा पवार फिलहाल राज्यसभा सदस्य बनी हुई हैं और अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना रही हैं।
अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती के पास एक चार्टर्ड विमान हादसे में निधन हो गया था। इस दुर्घटना की जांच जारी है। इस पृष्ठभूमि में सुनेत्रा पवार का दिल्ली दौरा एनसीपी के भविष्य और नेतृत्व संरचना के लिए निर्णायक माना जा रहा है।






