नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 75वें जन्मदिन से जुड़ा एक दिलचस्प और हल्का-फुल्का किस्सा साझा करते हुए एक बार फिर अपने अंदाज़ से लोगों का दिल जीत लिया। एक कार्यक्रम के दौरान बच्चों से संवाद करते हुए पीएम मोदी ने जैसे ही कहा, “अभी तो 25 साल और बाकी हैं,” पूरा माहौल ठहाकों और तालियों से गूंज उठा। बच्चों की खिलखिलाहट और प्रधानमंत्री की मुस्कान ने इस पल को यादगार बना दिया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि जब वे 75 वर्ष के हुए, तब कई लोगों ने उनसे रिटायरमेंट या काम की रफ्तार धीमी करने की बात कही। इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में जवाब दिया कि देश के लिए काम करने की उम्र की कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, संकल्प और सेवा-भाव इंसान को हमेशा युवा बनाए रखते हैं। पीएम मोदी के इस जवाब पर मौजूद बच्चों ने जोरदार हंसी के साथ तालियां बजाईं।
पीएम मोदी ने बच्चों से बातचीत में यह भी कहा कि जीवन में उम्र से ज्यादा सोच और उत्साह मायने रखता है। अगर मन में सीखने की ललक और कुछ नया करने का जज़्बा हो, तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें, मेहनत करें और देश के विकास में योगदान दें।
इस दौरान प्रधानमंत्री बच्चों के सवालों के जवाब देते हुए बेहद सहज और आत्मीय नजर आए। उन्होंने पढ़ाई, खेल और अनुशासन के महत्व पर भी बात की और कहा कि बचपन की आदतें ही आगे चलकर जीवन की दिशा तय करती हैं। पीएम मोदी का बच्चों के साथ यह संवाद सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग उनके सकारात्मक नजरिए और हास्यभाव की सराहना कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री का यह किस्सा न सिर्फ हंसी का कारण बना, बल्कि एक गहरा संदेश भी दे गया—सेवा और कर्तव्य की भावना में कोई उम्र नहीं होती। “अभी 25 साल और बाकी हैं” कहकर पीएम मोदी ने यह साफ कर दिया कि उनका संकल्प और ऊर्जा अभी भी उतनी ही मजबूत है।







