कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक ट्रेन हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच संचालित होगी और पूर्वी भारत को उत्तर–पूर्व से जोड़ने वाला एक अहम माध्यम बनेगी। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में इसे ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। अब तक वंदे भारत ट्रेनों में केवल बैठकर यात्रा की सुविधा थी, जो लंबी दूरी के लिए उतनी आरामदायक नहीं मानी जाती थी। नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में यात्रियों को रात में लेटकर आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
हावड़ा से गुवाहाटी की मौजूदा यात्रा में लगभग 17 घंटे लगते हैं, लेकिन नई ट्रेन के शुरू होने से यह समय घटकर करीब 14 घंटे रह जाएगा। 16 आधुनिक कोचों वाली इस ट्रेन में कुल 1128 यात्री सफर कर सकेंगे। एयरोडायनामिक डिजाइन के कारण हवा का दबाव कम होगा, जिससे यात्रा अधिक शांत और सुविधाजनक बनेगी। ट्रेन का वजन सामान्य ट्रेनों से 10–20 फीसदी कम है और हर पहिये में लगी ट्रैक्शन मोटर तेज रफ्तार के साथ सुरक्षित ब्रेकिंग सुनिश्चित करती है। आपात स्थिति में भी ट्रेन बिना ट्रैक छोड़े तुरंत रुक सकती है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम से झटके और कंपन कम होंगे, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा। स्लीपर बर्थ को विशेष रूप से आराम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। सामान रखने के लिए ओवरहेड रैक, सीट के नीचे जगह और अलग लगेज एरिया की सुविधा दी गई है। स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए शौचालयों में आधुनिक सैनिटेशन तकनीक लगाई गई है।
सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन कवच ऑटोमैटिक प्रोटेक्शन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, आपात टॉक बैक और अग्निशमन उपकरणों से लैस है। यात्रियों को क्षेत्रीय स्वाद के अनुसार बंगाली और असमिया भोजन परोसा जाएगा, जिसका खर्च टिकट में शामिल है। ट्रेन में 11 एसी–3 टियर, 4 एसी–2 टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच हैं। किराया थर्ड एसी के लिए 2300, सेकेंड एसी के लिए 3000 और फर्स्ट एसी के लिए लगभग 3600 रुपये तय किया गया है। यह ट्रेन भारतीय रेल यात्रा को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।







