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आपूर्ति को हथियार बनाने वालों का जवाब है पैक्स सिलिका : अमेरिकी मंत्री

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Pax Silica is the answer to those weaponizing supplies: US minister

नयी दिल्ली। अमेरिका ने सिलिकॉन जैसे दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति की वैश्विक कड़ियों में विविधता और मजबूती लाने के लिए बने गठबंधन पैक्स सिलिका में भारत की सदस्यता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि यह समझौता उन देशों का जवाब है जो आपूर्ति को निर्भर देशों के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं। भारत ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में अमेरिका के साथ पैक्स सिलिका पर हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ उपस्थित अमेरिका के उप मंत्री जैकब हेलबर्ग ने कहा कि भारत और अमेरिका ने इस समझौते पर हस्ताक्षर कर दुलर्भ खनिजों की आपूर्ति के लिए दूसरों पर निर्भरता की मजबूरी का फायदा उठाने वाले देशों को संकेत भेजा है कि अब उनकी नहीं चलेगी। श्री हेलबर्ग ने कहा , “समझौता केवल कागज पर एक करार नहीं है, बल्कि एक साझा भविष्य का रास्ता है।… हम साथ मिलकर यह संदेश दे रहे हैं कि आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है। संप्रभुता किसी वैश्विक दफ्तर या नौकरशाही से नहीं आती। यह उन निर्माताओं से आती है, जो आज इस कमरे में मौजूद हैं।” अमेरिकी उपमंत्री ने कहा कि यह घोषणा एआई के क्षेत्र में नए आविष्कारों को बढ़ावा देने वाली है। इसके साथ ही यह तकनीकी विकास को रोकने की कोशिशों के खिलाफ खड़े होने का एक संकल्प है।

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श्री हेलबर्ग ने प्राचीन इतिहास के एक सबक का जिक्र करते हुए कहा कि सिकंदर महान ने एक बार कहा था कि एशिया के लोग इसलिए गुलाम थे क्योंकि उन्होंने ‘ना’ शब्द बोलना नहीं सीखा था। उन्होंने कहा, “हमारे दोनों राष्ट्रों की नींव ‘ना’ शब्द पर टिकी है… इसलिए आज जब हम पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर रहे हैं, तो हम अपनी मजबूरी और निर्भरता का फायदा उठाने वालों को ‘ना’ कहते हैं, और हम ब्लैकमेल को ‘ना’ कहते हैं।” भारत में अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर ने इस समझौते को एक ‘रणनीतिक गठबंधन’ बताया जो 21वीं सदी की आर्थिक और तकनीकी व्यवस्था को आकार देगा। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह समझौता वैश्विक तकनीक और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। यह समझौता सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, इसके निर्माण और चिप डिजाइन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि हमारे देश में सेमीकंडक्टर का पूरा माहौल अच्छी तरह स्थापित हो सके।

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