नयी दिल्ली: नयी दिल्ली के संसद परिसर में उस समय हलचल भरा दृश्य देखने को मिला जब केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अचानक कैमरों के सामने पहुंचे और प्रह्लाद जोशी का हाथ पकड़कर मुस्कुराते हुए कहा, “आइए, साथ खड़े होकर बात करते हैं।” हालांकि, जोशी ने हाथ छुड़ाया और आगे बढ़ गए, जबकि अश्विनी वैष्णव इस पूरे घटनाक्रम पर मुस्कुराते नजर आए। दोनों मंत्रियों ने राहुल गांधी के साथ कोई संयुक्त बयान नहीं दिया।
इसके बाद राहुल गांधी ने स्वयं मीडिया को संबोधित किया। एक पत्रकार द्वारा यह पूछे जाने पर कि सरकार ने उनके आरोपों को झूठ बताया है, राहुल ने कहा कि उनके पास संबंधित डेटा मौजूद है और वे उसे प्रमाणित करेंगे। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी न्याय विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस) की कुछ फाइलों में एप्सटीन मामले से जुड़े नामों का उल्लेख है, जिनमें कुछ भारतीय व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में भारत सरकार ने लंबे समय से जवाब नहीं दिया है और इस पर प्रधानमंत्री पर “सीधा दबाव” होने की बात कही।
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने अमेरिका और चीन के बीच चल रही वैश्विक प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का डेटा इस संघर्ष में अहम भूमिका निभा सकता है। उनके अनुसार, यदि अमेरिका वैश्विक महाशक्ति बने रहना चाहता है और डॉलर की स्थिति मजबूत रखना चाहता है, तो भारत का डेटा उसके लिए महत्वपूर्ण है।
राहुल गांधी ने बजट पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार ने ऊर्जा और वित्त को वैश्विक स्तर पर “हथियार” बनाए जाने की बात स्वीकार की है, लेकिन उससे निपटने के लिए ठोस कदमों का अभाव है। उन्होंने देश के डेटा, खाद्य आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।







