नयी दिल्ली। इंडिया गठबंधन में शामिल विपक्षी दलों के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर संसद भवन से चुनाव आयोग की ओर मार्च किया। हालांकि, पुलिस ने सांसदों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद विपक्षी सांसद नीति आयोग के सामने धरने पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन किया।
सांसद पहले संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र हुए। यहां से वे लोकतंत्र बचाने के नारे लगाते हुए चुनाव आयोग की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। कुछ सांसदों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की और उन पर चढ़ गए। काफी देर तक आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलने के बाद सांसद वहीं बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि अब ज्ञानेश कुमार के लिए पद छोड़ने का समय आ गया है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई चुनावों में आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं। यादव ने पश्चिम बंगाल में भी चुनाव प्रक्रिया के संबंध में गंभीर आरोप लगाए।
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने चुनावी प्रक्रिया और फॉर्म-6 से जुड़े प्रावधानों को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया था कि फॉर्म-6 में किसी बदलाव को मंजूरी नहीं दी गई थी। चिदंबरम ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद फॉर्म-6 में एक घोषणा जोड़ी गई।
विपक्षी सांसदों का यह प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार तथा निर्वाचन आयोग पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
वहीं, पुलिस द्वारा सांसदों को चुनाव आयोग तक पहुंचने से रोकने के बाद विरोध प्रदर्शन संसद परिसर के बाहर जारी रहा। विपक्षी दलों ने संकेत दिया कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को वे आगे भी राजनीतिक और संसदीय मंचों पर उठाते रहेंगे।







