वाराणस। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग समाज, प्रदेश और देश को अपना परिवार मानकर काम करते हैं, वही वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से जागरूक रहने और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
मुख्यमंत्री गुरुवार को अपने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन सरोजा पैलेस में आयोजित स्वच्छता कर्मियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया और काशी में हुए बदलावों का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बदली काशी की तस्वीर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में काशी का कायाकल्प हुआ है। उन्होंने वर्ष 2014 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय शहर की संकरी गलियों, सड़कों पर गंदगी, निराश्रित गोवंश, बिजली की समस्या और जाम जैसी परेशानियां आम थीं। बरसात के दौरान घाटों पर मिट्टी जमा होना भी एक बड़ी समस्या थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले काशी में माफिया और भू-माफिया का प्रभाव था। उनके अनुसार, गरीबों, व्यापारियों और अन्य लोगों की जमीन, मकान तथा संपत्तियों पर कब्जे की घटनाओं से भय का माहौल बना रहता था। अब काशी अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए नए स्वरूप में आगे बढ़ रही है।
सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास कार्य करा सकती है, लेकिन उन कार्यों का संरक्षण और सुरक्षा करना जनता तथा जागरूक समाज की जिम्मेदारी है। यदि नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तो बड़े निर्माण कार्य भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगे।
उन्होंने कहा कि सच के साथ खड़ा होना और उसकी रक्षा करना प्रत्येक जागरूक नागरिक का दायित्व है। नागरिकों में जागरूकता लाने के लिए जनप्रतिनिधियों का भी सजग होना जरूरी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि नेतृत्व करने वाला व्यक्ति केवल अपने परिवार तक सीमित रहता है और समाज को अपनी जिम्मेदारी नहीं मानता, तो विकास प्रभावित होता है। इसके विपरीत, जो लोग पूरे समाज, प्रदेश और देश के हित में काम करते हैं, वे ही सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होते हैं।







